मुंगेर में माँ दुर्गा के विसर्जन के दौरान चली गोलियाँ, एसपी लिपि सिंह कि चौतरफा आलोचना

बिहार के मुंगेर में दीनदयाल उपाध्याय चौक पर सोमवार की शाम माँ दुर्गा के प्रतिमा के विसर्जन के दौरान लोगों और पुलिस बल के बीच पथराव और फायरिंग हो गई थी. मूर्ति विसर्जन के दौरान हुई फायरिंग में एक शख्स की मौत हो गई थी, वहीं कई पुलिसकर्मी और श्रद्धालु भी घायल हुए.शख्स की मौत पर मचे बवाल को लेकर राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव और कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार और भाजपा सरकार की सरपरस्ती में मां दुर्गा के उपासकों को जानबूझ कर निशाना बनाया जा रहा है. लोगोँ का कहना है की पुलिस ने इतनी निर्ममतापूर्वक मां दुर्गा के भक्तों की पिटाई की, गोलियां चलाई की सोच कर रूह कांप जाती है। उन्होंने कहा कि इसके बाद भजपा व जदयू की सरकार को एक मिनट भी गद्दी पर बैठने का अधिकार नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार ने अराजकता की सारी हदें पार कर दी है और वर्दी में अपराधियों की खुली छूट दे दी है। यह सरकार शाप व पाप की भागी है।नैतिकता का यह मापदंड है कि अब एक मिनट भी नीतीश कुमार व सुशील कुमार मोदी को कुर्सी पर नहीं रहना चाहिए। तेजस्वी ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस घटना पर बोलते हुए उपमुख्यमंत्री और बीजेपी नेता सुशील मोदी से भी सवाल किए।उन्होंने यह भी कहा कि वहां पुलिस को जनरल डायर बनने की अनुमति किसने दी? उन्होंने आरोप लगाया कि ‘इसके लिए आदेश कहीं न कहीं से आया था।’

क्या कहा तेजस्वी ने? 

तेजस्वी यादव ने मृतकों के परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए पूछा कि नीतीश कुमार और सुशील मोदी इस घटना को लेकर क्या कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि “नीतीश कुमार, वो तो राज्य के गृहमंत्री हैं, उनको तो इसकी सूचना मिली होगी ना, वो क्या कर रहे हैं। उप-मुख्यमंत्री सुशील मोदी जी जो बीजेपी नेता भी हैं वो बताएं कि उन्होंने एक ट्वीट के अलावा और क्या किया है।” तेजस्वी ने कहा कि वीडियो में आपने देखा होगा कि लोगों को ढूंढकर और बिठाकार पीटा जा रहा है। हमारी संवेदना उस परिवार के साथ है, जिन्होंने अपना चिराग खोया है। लेकिन सवाल यह है कि इस घटना में पूरी तरीके से बिहार की डबल इंजन की सरकार की भूमिक रही है।”

तेजस्वी ने इस घटना की हाईकोर्ट की निगरानी में उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग भी उठाई है। तेजस्वी ने कहा कि “खासतौर पर वहां के जो डीएम और एसपी हैं, उनको तुरंत वहां से हटाना चाहिए।आपको पता होगा कि वहां पुलिस महकमे में, जिसकी वहां जिम्मेदारी हैं।”Lipi Singh munger violence

लिपि सिंह की हो रही आलोचना:

इस घटना के बाद से ही सोशल मीडिया पर मुंगेर नरसंहार व वहां की एसपी लिपि सिंह ट्रेंड कर रही हैं। लोग आइपीएस लिपि सिंह को जनरल डायर बता रहे हैं जिसने आजादी के पहले जालियांवाला बाग में गोलियां चलवायी थी। सीबीआइ के पूर्व निदेशक नागेश्वर राव ने भी मांग की है कि मुंगेर के डीएम व एसपी का ट्रांसफर किया जाना चाहिए और पीड़ित के परिवार को पांच करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाना चाहिए। चर्चित आइपीएस व कर्नाटक की गृह सचिव डी रूपा ने भी इस घटना की निंदा की है और कहा है कि प्रतिमा विसर्जन के दौरान लोगों को काबू में करने के लिए पुलिस कार्रवाई में नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा सीआरपीसी में अनियंत्रित भीड़ को तितर-बितर करने के लिए न्यूनतम बल प्रयोग और भीड़ के अवरोध पैदा करने पर बल की उचित संख्या निर्धारित है। मालूम हो कि 2016 बैच की आइपीएस अधिकारी लिपि सिंह जदयू के कद्दावर नेता व राज्यसभा सांसद आरसीपी सिंह की बैटी हैं। लिपि सिंह इससे पहले बाहुबली विधायक अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर चर्चा में आयी थीं। मुंगेर के व्यापारियों ने भी इस कार्रवाई की निंदा की है और कार्रवाई नहीं होने तक बंद रखने का आह्वान किया है। लोग ट्विटर पर लगातार लिपि सिंह को बर्खास्त करने की मांग कर रहे हैं।

– कल्याणी सिंह की रिपोर्ट

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