आज़ादी के 72 साल बाद भी 10 में से 3 अनपढ़, आत्मनिर्भर भारत पर विश्लेषण

आज के युग में मानव जिस प्रकार दिन प्रतिदिन सफलता के नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है, साथ ही हम सभी भौतिकवाद की तरफ तेजी से प्रगति कर रहे हैं। आज हमारे पास भौतिकवादी हर सुख-सुविधा है और हम हर सुख सुविधा से लैस जीवन जी रहे। लेकिन वहीं आज भी हमारे देश में एक तबका ऐसा भी है जो अपने मामूली अधिकार से भी वंचित है जिसे हम साक्षर, साक्षरता या फिर लिटरेसी करते हैं। हमारा देश एक लोकतांत्रिक देश हैं और इस तथ्य को सही अर्थों में सुनिश्चित करने के लिए साक्षरता अति आवश्यक है। वर्ष 2010 में बच्चों के लिए निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का कानून लागू हुआ। यह देश के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि थी। अभी हाल ही में सभी देशों ने मिलकर 8 सितंबर को वर्ल्ड लिटरेसी डे यानी कि विश्व साक्षरता दिवस मनाया है।

नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस (एंडएसएसओ) ने इस दिन एक आंकड़ा भी जारी किया जिसके अनुसार देश में 100 में से 30 लोग आज भी निरक्षर हैं। यानी 10 में से 3 लोग आज अपना नाम तक नहीं लिख सकते। देश में कुल साक्षरता 77.7% है। यानी 10 में से करीब 8 लोग साक्षर है और 2 लोग निरक्षर हैं। पुरुषों की साक्षरता 84.7% यानी 10 में से करीब 2 पुरुष आज भी निरक्षर हैं। महिलाओं में साक्षरता 70.3% है यानी 10 में से 3 महिलाएं कुछ भी लिख पढ़ नहीं सकती । केरल देश का सबसे साक्षर राज्य है। आज इसकी साक्षरता दर 96% से ज्यादा है। केरल के बाद दिल्ली दूसरे नंबर पर है। राजधानी दिल्ली की साक्षरता 88.7% है। वहीं उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और असम तीसरे चौथे और पांचवें नंबर पर हैं। देश में पांच सबसे शिक्षित राज्य की साक्षरता 86% या उससे ज्यादा है ।आधं प्रदेश की बात करें तो यह सबसे कम शिक्षित राज्य में शामिल है। इसके बाद राजस्थान, बिहार, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश भी इसमें शामिल है।

Literacy rate data in India
साक्षरता दर :2011 के जनगणना के अनुसार

आज जहां एक और आत्मनिर्भर भारत की बात हो रही है वहीं इन सभी आंकड़ों को देखकर हमें यह सोचने पर मजबूर कर देती है कि आखिर भारत किस दिशा में जा रहा है। क्या भारत सचमुच आत्मनिर्भर बन पाएगा ?

World literacy rate data
विकिपीडिया के अनुसार वैश्विक साक्षरता का आंकड़ा

अपने मामूली अधिकार ‘शिक्षा’ के बिना आत्मनिर्भरता वाला यह फार्मूला पर तो एक बड़ा प्रश्न चिन्ह लग जाता है। इस समस्याओं का सामना करने के लिए सरकार की आत्मनिर्भर योजनाएं कैसे काम आएगी? इसके लिए सरकार की क्या योजनाएं हैं या फिर किस तरह की योजनाएं आगे और सरकार लेकर आती है, यह देखना भी दिलचस्प होगा।

By, Kalyani Singh

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here