भाजपा ने कश्मीर को बेच दिया, नए भूमि कानून पर महबूबा मुफ्ती का बड़ा बयान

केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब से देश का कोई भी नागरिक जम्मू – कश्मीर में जमीन खरीद कर वहाँ बस सकता है। केंद्र सरकार ने भूमि स्वामित्व अधिनियम संबंधी कानून में संशोधन करते हुए यह फैसला लिया है।
बता दें कि इससे पहले जम्मू- कश्मीर में सिर्फ वहाँ के स्थायी निवासी हीं जमीन खरीद सकते थे। जम्मू – कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा मिला था। जिसके अंतर्गत देश के किसी अन्य राज्य के लोग वहाँ जमीन ख़रीदकर नहीं बस सकते थे।

पिछले साल 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए जम्मू – कश्मीर को दिये गए विशेष राज्य के दर्जा को ख़त्म कर दिया था तथा 31 अक्टूबर 2019 को जम्मू – कश्मीर को केंद्रशासित प्रदेश बना दिया गया।

राज्यपाल ने क्या कहा ?
जम्मू- कश्मीर के राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि, “हम चाहते हैं कि जम्मू- कश्मीर में इंडस्ट्री लगे और यहाँ इंडस्ट्रियल लैंड में इन्वेस्ट हो।जिसके लिए यह फैसला लिया गया है।” उन्होंने कहा कि खेती की जमीन केवल जम्मू- कश्मीर के लोगों की ही रहेगी।

केंद्र के नये क़ानून के विरोध में आयी कश्मीरी राजनीतिक दल ने कहा कि, “हमे यह फैसला किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं :
केंद्र सरकार ने जैसे हीं जम्मू – कश्मीर के भूमि स्वामित्व अधिनियम क़ानून में संशोधन किया वैसे हीं कश्मीरी राजनीतिक दल ने इसका जमकर विरोध करना शुरू कर दिया। जम्मू – कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री तथा नेशनल कांफ्रेंस के उप-प्रधान उमर अब्दुल्ला ने इसका कड़ा विरोध किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि , केंद्र सरकार ने जम्मू- कश्मीर में जमीन की खरीददारी को लेकर जो फैसला लिया है वो किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने कृषि भूमि को छोड़कर अन्य जो भी भूमि है,उसे खरीदने के लिए कोई भी दस्तावेज जरूरी नहीं रखा है।

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अटनामस हिल डेवलपमेंट काउंसिल का नतीजा आते हीं जैसे ही बीजेपी की जीत हुई, इस कानून को लागूकर केंद्र सरकार ने लद्दाखियों को धोखा दे दिया।
वहीं दूसरी तरफ़ पूर्व मुख्यमंत्री तथा पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने इस कानून का विरोध करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने जम्मू- कश्मीर को बेचना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार अपने नापाक मंसूबो के तहत जम्मू- कश्मीर के लोगों को अधिकारविहीन कर रही है। उन्होंने कहा कि असंवैधानिक तरीके से अनुच्छेद 370 हटाना तथा अब काश्मीरियों की जमीन बेचना यह सब केंद्र सरकार की साजिश है।

– आकांक्षा कुमारी की रिपोर्ट

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