अर्नब गोस्वामी जेल में इस्तेमाल कर रहे थे फोन, किया गया दूसरे जगह शिफ्ट

तस्वीर सभार: Getty

रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ़ अर्नब गोस्वामी को पुलिस ने रविवार को तलोजा जेल भेज दिया गया था। इससे पहले अर्नब को अलीबाग के एक क्वारन्टाइन सेंटर में रखा गया था। qqqqपुलिस ने 4 नवंबर को अर्नब को उनके घर से एक इंटीरियर डिजायनर के खुदखुशी मामले में गिरफ्तार किया था।

कस्टडी के दौरान फोन इस्तेमाल करने का आरोप :

पुलिस हिरासत के दौरान अर्नब को फोन इस्तेमाल तथा सोशल मीडिया पर गतिविधि करते पाया गया। 4 नवंबर को पुलिस ने अर्नब को गिरफ्तार करते समय उनका निजी फोन ज़ब्त कर लिया था। रायगढ़ क्राइम ब्रांच ने बताया कि अर्नब किसी और व्यक्ति का फोन इस्तेमाल कर रहे थे। जिसके बाद अधिकारियों ने उन्हें तलोजा जेल भेजने का निर्णय लिया।

अर्नब ने जेलर पर लगाया पिटाई का आरोप :

अर्नब को पुलिस वाहन से तलोजा जेल ले जाने के दौरान उन्होंने वाहन से चिल्लाकर कहा की कल रात अलीबाग के जेलर ने उनकी पिटाई की है। उन्होंने वाहन के बाहर खड़े लोगों से कहा कि उनके जान को खतरा है। उन्हें उनके वकील से भी बात नहीं करने दिया जा रहा है।
इसपर अर्नब की पत्नी सम्यब्रत राय गोस्वामी ने बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उनके पति को पिटा जा रहा है। उनको तलोजा जेल ले जाते समय पुलिस ने उन्हें घसीटा। उन्होंने कहा कि उनके पति बार-बार चिल्लाते रहे की उनके जान को खतरा है। लेकिन, किसी ने ध्यान नहीं दिया।

क्या है पूरा मामला ?
अर्नब गोस्वामी तथा उनके साथ दो और व्यक्ति नीतीश सारदा एवं फ़िरोज शेख को अलीबाग पुलिस ने 4 नवम्बर को एक इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक और उनकी माँ के आत्महत्या के मामले में गिरफ्तार किया है। यह पूरा मामला 2018 का है। जिसमें गोस्वामी, नीतीश सारदा तथा फ़िरोज शेख पर आरोप है की इनलोगों ने अन्वय नाइक से काम करवाया तथा भुगतान नहीं किया। जिसके कारण वे आत्महत्या करने को बाध्य हुए ।

– आकांक्षा कुमारी की रिपोर्ट

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